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Jammu & Kashmir · ग्रामीण / शासन / हकदारियां

बैक टू विलेज कार्यक्रम — हकदारियों की संतृप्ति (जम्मू-कश्मीर)

इन नामों से भी जानी जाती है: Back to Village Programme — Saturation of Entitlements · Back to Village Programme · Back to Village Programme Jammu & Kashmir · Back to Village Programme — Saturation of Entitlements (J&K)

जम्मू-कश्मीर सरकार — बैक टू विलेज कार्यक्रम (B2V)
लाभ
सरकारी अधिकारी प्रत्येक पंचायत का दौरा करके सभी केंद्रीय और UT कल्याण योजनाओं — BPL राशन कार्ड, PM-KISAN, आयुष्मान/SEHAT, PMAY, छात्रवृत्ति, पेंशन — का पात्र निवासियों को मौके पर 100% संतृप्ति सुनिश्चित करते हैं; मौके पर आधार सीडिंग, खाता खोलना और दस्तावेज़ सुधार निःशुल्क; 30 दिनों के भीतर शिकायत निवारण; विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों सहित J&K के दूरदराज गांवों तक पहुंचने के लिए डिजाइन किया गया

एक नज़र में

योजनाबैक टू विलेज कार्यक्रम — हकदारियों की संतृप्ति (जम्मू-कश्मीर)
किसके लिएग्रामीण / शासन / हकदारियां
कहांJammu & Kashmir
विभागजम्मू-कश्मीर सरकार — बैक टू विलेज कार्यक्रम (B2V)
आवेदनकार्यालय / CSC पर

कौन आवेदन कर सकता है

संक्षेप में — पूरी शर्तें आधिकारिक वेबसाइट पर देखें।

आवश्यक दस्तावेज़

आवेदन कैसे करें

कोई अलग आवेदन नहीं — अधिकारी गांवों में जाते हैं; कार्यक्रम के लिए खंड विकास अधिकारी (BDO) या सरपंच से संपर्क करें

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बैक टू विलेज कार्यक्रम — हकदारियों की संतृप्ति (जम्मू-कश्मीर) के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

Jammu & Kashmir के निवासी। रहते हैं: गाँव (ग्रामीण)।

बैक टू विलेज कार्यक्रम — हकदारियों की संतृप्ति (जम्मू-कश्मीर) में कितना लाभ मिलता है?

सरकारी अधिकारी प्रत्येक पंचायत का दौरा करके सभी केंद्रीय और UT कल्याण योजनाओं — BPL राशन कार्ड, PM-KISAN, आयुष्मान/SEHAT, PMAY, छात्रवृत्ति, पेंशन — का पात्र निवासियों को मौके पर 100% संतृप्ति सुनिश्चित करते हैं; मौके पर आधार सीडिंग, खाता खोलना और दस्तावेज़ सुधार निःशुल्क; 30 दिनों के भीतर शिकायत निवारण; विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों सहित J&K के दूरदराज गांवों तक पहुंचने के लिए डिजाइन किया गया

बैक टू विलेज कार्यक्रम — हकदारियों की संतृप्ति (जम्मू-कश्मीर) के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?

आधार कार्ड, अधिवास प्रमाण पत्र (J&K), सत्यापन/सुधार के लिए कोई भी मौजूदा हकदारी दस्तावेज़।

बैक टू विलेज कार्यक्रम — हकदारियों की संतृप्ति (जम्मू-कश्मीर) के लिए आवेदन कैसे करें?

कोई अलग आवेदन नहीं — अधिकारी गांवों में जाते हैं; कार्यक्रम के लिए खंड विकास अधिकारी (BDO) या सरपंच से संपर्क करें

कैसे पता करें कि मैं बैक टू विलेज कार्यक्रम — हकदारियों की संतृप्ति (जम्मू-कश्मीर) के लिए पात्र हूं?

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